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भारतीय दलित पैंथर ने नागरिक संशोधन विधेयक बिल के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा
December 18, 2019 • Faisal Hayat • Social


 कानपुर । भारतीय दलित पैंथर उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पैंथर धनीराम बौद्ध के नेतृत्व में नागरिक संशोधन विधेयक बिल संसद के दोनों सदनों के पास हो जाने पर विरोध जताकर कानपुर सिटी मजिस्ट्रेट रवि प्रकाश श्रीवास्तव के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा!अध्यक्ष ने कहा कि यह बिल देश के मूल भावना एवं आम हिंदू जनमानस के विचार वासुदेव  कुटुंबकम के बिल्कुल विपरीत है  और सबसे बड़ी बात संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारतीय संविधान की धारा 14 धारा 15 धारा 21और धारा 25 की अनदेखी करते हुए इस बिल को पास कराया गया मक्के अभियान और घमंड में चूर यह सरकार यह भी भूल गई कि यह देश महात्मा गांधी की विचारधारा पर चलेगा ना कि सवारकर और गोल  वलकर की विचारधारा पर देश संविधान से चलता है और जनता देश की मालिक है देखी करते हुए इस समय देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर आपक अमादा है देश का भविष्य होता है उनके साथ बर्बर अत्याचार जामिया इस्लामिया विश्वविद्यालय बा अलीगढ़ विश्वविद्यालय में छात्रों के साथ लाठीचार्ज कर फर्जी मुकदमे लगा कर छात्रों का शोषण किया जा रहा है जो कि संविधान में दिए गए अधिकार की मूल भावना का खिलवाड़ है भारत सरकार संविधान को तोड़कर तानाशाही पर अमादा हो गई है भविष्य के लिए खतरा है नोटबंदी जैसी तुगलकी फरमान जारी  करके देश की अर्थव्यवस्था को धारा शाही कर दिया है कारण बेरोजगारी पिछले 40 वर्षों के निम्न रिकॉर्ड निम्न स्तर पर पहुंच गई है जीडीपी का 8.50से4.50 पर आ जाना बेरोजगारी का बढ़ जाना जमी जमाई नौकरियों से नौजवानों को निकाला जाना छात्राओं पर अत्याचार का बढ़ जाना शाम में 19 लाख लोगों को एनआरसी से बाहर कर दिया गया जिसमें तेरा लाख से ज्यादा गैर मुस्लिम है और 6लाख मुस्लिम है यह काला कानून देश को बर्बरता अपने के लिए है बल्कि हमारे प्यारे भारत को फिर एक बात तोड़ने की साजिश है। भारतीय दलित पैंथर यह मांग करती है कि जामिया इस्लामिया वाली गर्ल छात्रों के साथ हुए लाठीचार्ज व उत्पीड़न की उच्च स्तरीय जांच कर न्याय दिलाएं,विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे छात्रों पर उत्पीड़न व लाठीचार्ज पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए नागरिक संशोधन बिल तत्काल प्रभाव से प्रभावी किए जाने का निषप्रभावी आदेश पारित करें भारतीय संविधान के साथ छेड़छाड़ पर अभिलंब प्रतिबंध लगाया जाए अनुच्छेद 14 समानता की भावना का उल्लंघन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। ज्ञापन के दौरान अध्यक्ष धनीराम बौद्ध, यादव राजू यादव नवीन चंद्र गौतम मनोज कुमार अभिलाष सिंह रोहित मॉल पास्टर जितेन सिंह धनीराम पंत रामप्रसाद रसिक जीतू आशीष गुप्ता राजेंद्र कुमार राहुल गौतम आदि लोग मौजूद रहे।