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गाँधी-अम्बेडकर, कलाम-पटेल के मुल्क में नफरत व मज़हबों को बांटने वाला कानून आवाम को मंज़ूर नही
January 10, 2020 • Faisal Hayat • Social

शाह मोहम्मद
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कानपुर 10, जनवरी सीएए/एनपीआर/एनआरसी के विरोध में मोहम्मदी यूथ ग्रुप के हस्ताक्षर अभियान के सातवें चरण में कौमी एकता कमेटी सुजातगंज के सहयोग से हस्ताक्षर अभियान सुजातगंज की लगभग सभी मस्जिदों के बाहर कैम्प लगाकर मुल्क की सरकार को जगाने के लिए मोहम्मदी यूथ ग्रुप के हस्ताक्षर अभियान में महामहिम राष्ट्रपति जी को नागरिकों के हस्ताक्षरों के द्वारा इस काले कानून सीएए को वापस करने व एनपीआर/एनआरसी लागू न करने को लेकर हस्ताक्षर अभियान कैम्प लगाया।
मोहम्मदी यूथ ग्रुप व कौमी एकता कमेटी सुजातगंज के सहयोग से मस्जिदों के बाहर कैम्प लगाकर सातवां हस्ताक्षर अभियान जिसमें हज़ारो लोगो ने सीएए/एनपीआर/एनआरसी के खिलाफ हस्ताक्षर कर अपना विरोध जताया। मोहम्मदी यूथ ग्रुप के पहले कैम्प मे 15936 हस्ताक्षर हुए।
मोहम्मदी यूथ ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड ने कहा कि मुल्क के संविधान की मूल भावना के बिल्कुल अलग है धर्म के आधार पर अनुच्छेद 14, 15 का उल्लंघन कर देश के प्रथम कानून मंत्री बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर ने संविधान की रचना का अपमान के साथ लोकतंत्र की धज्जियाँ उड़ाने वाला है। गाँधी-अम्बेडकर, कलाम-पटेल के देश मे नफरत फैलाने व देश की आवाम को बांटने वाला काला कानून, भारतीय संविधान पर चोट पहुंचाने वाला कानून आवाम को किसी कीमत पर मंजूर नही 
मोहम्मदी यूथ ग्रुप के सातवे हस्ताक्षर कैम्प में सभी मज़हबों के लोगों ने हस्ताक्षर कर अपना विरोध दर्ज करते हुए महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी से मामले मे हस्तक्षेप कर सीएए को वापस लेने व एनपीआर/एनआरसी को लागू न करने की गुज़ारिश की।
हस्ताक्षर अभियान में इखलाक अहमद डेविड, मौलाना अकील चिश्ती, मौलाना शमीम अशरफी, मौलाना रज़ाउल्लाह, हाफिज़ निसार, हाफिज़ इम्तियाज़, हाफिज़ खुर्शीद आलम, मौलाना अरशद, हाफिज़ रियाज़ विशेष रुप से कैम्पों मे शामिल हुए अन्य पदाधिकारियों मे ज़ियाउल हशमत अल्लन, महमूद आलम, रियाज़ अहमद, ज़ियाउद्दीन, मोहम्मद शानू, रईस आलम बाबू, अब्दुल मोईद, मुख्तार अहमद, मोहम्मद तौफीक, मसूद आलम, शहनवाज़ खान, मोहम्मद राशिद अंसारी, अब्दुल लतीफ, मोहम्मद यासीन, डा० जीशान अंसारी, इकबाल अहमद, अफज़ाल अहमद आदि सैकड़ो लोग मौजूद थे।