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कानपुर में CAA,JNU छात्रों पर हमले के विरोध में कैंडिल मार्च
January 6, 2020 • Faisal Hayat • Social

 

हजारों संख्या में लोगों ने निकाला तिरंगे के साथ कैंडल मार्च

सभी धर्म के लोग मार्च में हुए सम्मिलित

बड़ी संख्या में मुस्लिम औरतें भी कैंडिल मार्च में हुई शामिल

कानपुर । शहर में लोकतंत्र बचाओ आंदोलन संस्था ने नागरिक संशोधन कानून CAA कानून वापस लेने तथा एनआरसी और एनपीआर को लागू करने के लिए की योजना की निरस्त किए जाने की मांग करते हुए एवं केंद्रीय विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कल रात हुई हिंसक घटना के विरोध में द्वारा शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया जिसमें समाज के सभी वर्गों के बुद्धिजीवियों शांतिप्रिय नागरिकों और औरतों ने हिस्सा लिया इस मार्च में मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों ने बड़ी तादाद में हिस्सा लिया ।
इस कैंडल मार्च की शुरुआत मोहम्मद अली पार्क चमनगंज से शुरू होकर पूर्व निर्धारित मार्ग चमनगंज ,हलीम कॉलेज , रूपम चौराहे से बेकनगंज होते हुए तलाक़ महल के रहमानी मार्किट पर समाप्त हुआ ।

कैंडिल मार्च में हज़ारो की तादाद में महिला और पुरुषों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया जुलूस में महिलाये और नवजवान एक हाथ मे जलती हुई कैंडिल तो दूसरे हाथ मे तख्तियां लिए हुए थे । तख्तियों में लोकतंत्र बचाओ,सविधान बचाओ,सेव जेएनयू ,नो सी ए ए, नो एमपीआर,नो एनसीआरसी नागरिकता संशोधन अधिनियम वापस लो जी एन यू मैं हिंसा की न्यायिक जांच करो आदि लिखा था ।
कैंडल मार्च में मुख्य रूप से संयोजक कुलदीप सक्सेना छोटे भाई ना रोना विष्णु शुक्ला देव कुमार अब्दुल अजीज खान एक्स चेयरमैन ,मो. सुलेमान व अन्य लोग मौजूद रहे ।

 " मैं किसी तंजीम से नहीं हूं मैं यहां की आम नागरिक हूं और मेरा भी इस देश में उतना ही हक़ है जितना हिंदू ,सिख ,ईसाई आदि का है जेएनयू,जामिया,एएमयू में जो हुआ पुलिस ने जो बर्बरता दिखाई अगर पुलिस बर्बरता वालों के साथ ना होती यह सब कुछ नहीं हो सकता था । जिसका उदाहरण है कि अभी बाबरी मस्जिद का फैसला आया था । तब पुलिस इतनी मुस्तैद थी कि कहीं भी कुछ नहीं हुआ अब हिंसा क्यों हो रही है । पुलिस का कहीं ना कहीं हाथ है बल्कि कहना चाहिए कि सरकार का हाथ है मेरा बेटा उस रात खुद वहां जामिया में था उसके सर पर मौत मंडला रही थी मैं उसकी मां हूं मैं उसका दर्द समझ सकती हूं आज हम लोग कैंडल मार्च निकालकर यह बताना चाहते हैं कि अभी हम लोग जिंदा हैं"
           अस्मा (जर्नल पब्लिक)


  "केंद्रीय सरकार द्वारा नागरिक संशोधन अधिनियम के विरुद्ध कानपुर में ऐतिहासिक कैंडल मार्च शांति से संपन्न हुआ सीएए,एनआरसी,एनआरपी में सरकार को खुद विरोधाभास है प्रधानमंत्री कुछ कहता है और गृह राज्यमंत्री कुछ कहता है इन झूठों का पर्दाफाश करने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन आंदोलन चल रहा है । कल मोहम्मद अली पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने जा रहे हैं जो अभी सिर्फ 4 घंटे का होगा 4:00 से 8:00 शाम तक उसके बाद 24 घंटे का धरना दिया जाएगा । ये धरना जब तक नहीं समाप्त होगा जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाएगा । हम शांतिपूर्ण तरीके से असहयोग आंदोलन जारी रखेंगे यह हमारा फैसला है" 
                   मोहम्मद सुलेमान( पर्सनल लॉ )

" देश में एनसीआर सीए एनपीआर यह देश विभाजन कारी है यह संविधान की धारा 14 ,13 का सीधा उल्लंघन है हमारा देश धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक राष्ट्र है यह योगी,मोदी देश में हिंदू-मुस्लिम करके पुनः चुनाव जीतना चाहते हैं । सरकार संविधान को बदलकर इसको हिंदू-मुस्लिम बनाना चाहती थी पर देश के वामपंथी दल,विपक्षी दल,सामाजिक संगठन,देश के सारे छात्र संगठन सब एकजुट हैं मोदी,योगी तुम हिंदू मुस्लिम नहीं बना पाओगे"
                 पीसी कुरील ( राष्ट्रीय संयोजक)