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खून से लिखकर नागरिकता बिल का विरोध
December 10, 2019 • Faisal Hayat • Politics


हफ़ीज़ अहमद खान


कानपुर । मोदी सरकार के नागरिकता संशोधन बिल को संविधान और संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत की हत्या करने वाला बिल बताते हुए आह समाजवादियों ने जाजमऊ में विरोध में अपने खून से पोस्टरों पर बिल नामंजूर लिख कर प्रदर्शन किया।सपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता के नेतृत्व में हर वर्ग हर धर्म के लोग एकत्रित हुए और नागरिकता संशोधन बिल को देश को बांटने वाली खतरनाक राजनैतिक साज़िश बताया।अभिमन्यु गुप्ता ने नागरिकता संशोधन बिल को देश और संविधान का अपमान बताया। अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि यह भारत के संविधान, लोकतंत्र, पंथनिरपेक्षता और भारतीय समाज की आत्मा में बसने वाली बहुलता पर प्रहार करने वाला  विभाजनकारी तथा विनाशकारी कानून है।घुसपैठियों का कोई धर्म नहीं होता। धर्म के आधार पर देश के दुश्मनों में अंतर करने वाली सत्ता देश के मूल विनाश का कारण बन सकती है। नगरिकता संशोधन बिल के नाम पर नफरत की राजनीति करना बंद करे सरकार। गांधीजी के 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के मंत्र, बाबा साहब के संविधान को कोई सत्ता मिटा नहीं सकती।अभिमन्यु गुप्ता ने कहा की कोई हिन्दू या ईसाई या जैनी या सिख नहीं चाहता कि मुस्लिम समाज से इस तरह से भेदभाव हो। सभी समाज के लिए बराबर का ही अधिकार होना चाहिए।चाहे अनुमति मिलने में या न मिलने में,पर हर समाज के साथ बिना किसी भेदभाव सलूक करना चाहिए।यही धर्मनिरपेक्षता हमारे देश के संविधान के मूल सिद्धांतों में से एक है।इस नागरिकता संशोधन बिल में पाकिस्तान,बांग्लादेश व अफ़ग़ानिस्तान से आए हिन्दू,ईसाई, जैन,सिख,पारसी को नागरिकता मिलने का अधिकार दिया जा रहा है पर मुस्लिम को नहीं।इससे बड़ा अपमान हमारे संविधान का क्या हो सकता है।देश की कौमी एकता की मिट्टी को भगत सिंह,महात्मा गाँधी,सुभाष चंद्र बोस,बाबा साहब भीम राव अंबेडकर व राम मनोहर लोहिया जैसे लोगों ने बड़े सपनों और उम्मीदों के साथ सींचा है।आज मोदी सरकार उस खून पसीने व जज़्बे का कत्ल करने पर उतारू है जो कि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पूरी समाजवादी पार्टी इसका विरोध करती है।सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले ही विरोध दर्ज करवा दिया है।मो शाहरुख खलीफा ने कहा की अपने जीवन में पहली बार धर्म के आधार पर भेदभाव का कानून सुन रहे हैं।जीतेन्द्र जायसवाल ने कहा कि हर वर्ग हर धर्म का व्यक्ति इस से आहत है।इस बिल के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करने की बात जीतेन्द्र जायसवाल ने की।अभिमन्यु गुप्ता,मो शाहरुख खलीफा,जितेन्द्र जायसवाल,मकसूद अहमद,मो0 ताज,गौरव बकसारिया, मो0 मुस्तफा,राशिद,साजिद,लारैब, नईम अहमद,मुसीर अहमद,अंकुर गुप्ता,अरमान सिद्दीकी,मो शमीम,अकबर अली,शेषणाथ यादव, राजेन्द्र मोबाइल,करन साहनी,सुफियान अहमद,मो0मोइन,मो0शादाब,इमरान,मो0 नायाब,मो0शारिक आदि थे।