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लाल किले से आई आवाज सहगल, भुल्लन, शाहनवाज-अजीतगंज धरना
January 23, 2020 • Faisal Hayat • Social

 

शाह मोहम्मद/मो. अनीस

कानपुर । सीएए, एनआरसी का विरोध देश भर में चल रहा है । दिल्ली के शाहीन बाग़ की तर्ज़ पर हर शहरों पर महिलाओं का शांति पूर्ण तरीके से धरना चल रहा है । ऐसा ही धरना थाना बाबूपुरवा अंतर्गत अजीतगंज के तिकुनिया पार्क में भी पिछले पांच दिनों से सभी धर्मों को मानने वाली महिलाओं का धरना चल रहा है । आज धरने में सैकड़ो की तादाद में महिलाओं ने हिस्सा लिया । धरने पर बैठी महिलाओं का साथ देने पूर्व सांसद सुभाषनी अली, महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष शबाना खंडेलवाल, गोविंद नगर से विधायक रनर करिश्मा ठाकुर भी पहुचीं ।


शहर की पूर्व सासंद शुभाषनी अली ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा इसमे कोई एक धर्म नही बल्कि सभी धर्मों के लोग हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, सभी धर्म के लोग  NRC वा CAA जैसे काले कानून का विरोध करते है। हम इस कानून को नही मानेंगे हम इसका फैसला सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत से लड़ेंगे और जनता तय करेगी और हम इस अदालत के साथ है । साथ ही उन्होंने आजादी की याद दिलाते हुए सुभाष चंद्र बोस का जिक्र किया जिसमें उन्होंने बताया कि आजादी के समय अंग्रेजों ने सुभाष  चन्द्र  के 3 सिपाहियों को अंग्रेजों ने लालकिले में कैद किया था । जिन पर मुकदमा लिखा गया और फाँसी देने को कहा गया तभी वँहा पर एक नारा गूंजा (लाल किले से आई आवाज सहगल, भुल्लन, शाहनवाज) 
सहगल जी हिन्दू धर्म से ताल्लूक रखते थे। भुल्लन जी सिख धर्म से ताल्लुक रखते थे। शाहनवाज जी मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखते थे वो तीनो ने कहा हम लोग भाई से बढ़ कर है कोई भी हम लोगो को अलग नही कर सकता
उसी दिन राम प्रसाद बिस्मिल, और अशफाक उल्ला खान जी को अंग्रेजों ने फांसी दी था। जब उस वक़्त अंग्रेज हम लोगो को बाट नही पाया अब ऐसी सियासती पार्टियां कहती है हम इन लोगो को बाटेंगे जब अंग्रेजों को भगा दिया। तो तुम को भी भगा दें गए । महिलाओं की तालियों से पार्क गूंज उठा । वही करिश्मा ठाकुुुर ने कहा जिस तरह से सूबे के मुख्या महिलाओं के लिए टिप्पणी कर रहे है । इस से जाहिर है कि भाजपा का बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ भी जुमला है ।