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मोहम्मदी यूथ ग्रुप की अपील पर दुसरे दिन भी अज़ान की सदाओं से गूंजा आसमान 
March 25, 2020 • Faisal Hayat • Social

 


कानपुर 25 मार्च कोरोना वायरस के मुल्क से खात्मे के लिए मोहम्मदी यूथ ग्रुप की अपील पर मुल्क, सूबे के शहरों के मुस्लिम घरो मे एक साथ रात 10 बजे अज़ानों की सदा गूंजी व अज़ान बाद अल्लाह से कोरोना वायरस के मुल्क सूबे शहर से निजात देने की दुआ हुई।
मोहम्मदी यूथ ग्रुप ने सोशल मीडिया व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम व ट्विटर के माध्यम से दिनांक 24-25 मार्च रात 10 बजे अपनी घरों की छतो, आंगनों, कमरों में एक साथ ठीक 10 बजे अज़ान के एहतिमाम की अपील की थी जिससे पूरे मुल्क में एक साथ अज़ान की आवाज़ आए। जो अज़ान बड़े-बड़े तूफ़ान और आग को खत्म कर सकती है। इंशाअल्लाह कोरोना वायरस को भी खत्म करेगी। (आमीन) अज़ान देकर अल्लाह से दुआ करे अल्लाह अज़ान की बरकत से कोरोना वायरस को हमारे प्यारे मुल्क से दूर कर दे अज़ान का एहतिमाम राष्ट्रहित- देशहित में करे व अपने-अपने जिला प्रशासन का सहयोग करें पूरे देश मे 14 अप्रैल तक लाकडाउन/कर्फ्यू है उसमें आप स्वंय जागरुक हो घर मे ही रहे व भीड़ न लगाए। अपील पर सूबे व देश के कई जिलों से लोगो ने अज़ान एहतिमाम का हिस्सा बनने की मंज़ूरी दी थी जिसमें उन्नाव, फतेहपुर, लखनऊ, अजमेर शरीफ, देवा शरीफ, सफीपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, दिल्ली, मुम्बई थे आज बिल्हौर, कन्नौज, फरुखाबाद, इटावा, बाराबंकी, इलाहाबाद, कालपी, झांसी, बहराइच जिले आगे आए।


मोहम्मदी यूथ ग्रुप की अपील को अपनी मंज़ूरी देते हुए देश की खानकाहों के सज्जादानशीनों ने भी ऐसी ही गुज़ारिश की। रात 10 बजते ही देश व शहर की खानकाहों, शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मुस्लिमों ने अपने घरों की छतो, आंगनो, कमरों, घरों के दरवाजों के बाहर अज़ान दी अल्लाह हो अकबर अल्लाह हो अकबर की सदाएं आसमान मे गूंजने लगी अज़ान के बाद अल्लाह की बारगाह में गिड़गिड़ा-गिड़गिड़ा कर या अल्लाह तू करीम है करम फरमा, तू रहीम है रहम फरमा इस कोरोना वायरस को हमारे मुल्क, सूबे व शहर से निजात दिला, इससे हम सबकी हिफाज़त करने की दुआ हुई।
अज़ान का एहतिमाम इखलाक अहमद डेविड, अनवर रहमान जिलानी, सैय्यद शोएब अहमद बकाई, सैय्यद मोईनुद्दीन चिश्ती, सैय्यद राशिद मियाँ चिश्ती, सैय्यद अम्बर चिश्ती, सैय्यद आरिम अली चिश्ती, सैय्यद अमान कुतबी, सैय्यद फरमान मोईनी, सूफी हारुन तौशफी, अबुल हाशिम कशफी, सैय्यद शहज़ाद मियाँ, अबरार वारसी, अहद चिश्ती, अब्दुल हमीद कादरी, सूफी कौसर मजीदी, मोहम्मद मुबीन मदारी, हसीब आज़ाद कलंदरी, अनवार नियाज़ी, फाज़िल चिश्ती, हाफिज़ गुलाम वारिस, एजाज़ रशीद, मोहम्मद इस्लाम चिश्ती, मोतशीम नारवी, इरफान अशरफी, मोहम्मद तौफीक, सूफी मोईन चिश्ती समेत हज़ारो लोगो ने किया।