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वहशी हरकत करने वाले गुनाहगारों को केवल एक सज़ा फाँसी - मोहम्मदी यूथ ग्रुप
December 3, 2019 • Faisal Hayat • Social

न भगवान का रुप, न मुल्क का मुस्कबिल सवारने वाले महफूज़ केंद्र सरकार संसद के इसी सत्र मे वहशियाना हरकत करने वालों को फाँसी देने का कानून बनाये।



कानपुर । वहशियाना हरकतों की लगातार बढ़ रही घटनाओं ने देश को शर्मसार करने के साथ दुनिया मे हमारे मुल्क की छवि धूमिल की है मोहम्मदी यूथ ग्रुप की एक मीटिंग कर्नलगंज मे ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड की अध्यक्षता मे हुई जिसमें केंद्र सरकार से वहशी हरकत करने वाले गुनाहगारों को केवल एक सज़ा फाँसी देने का कानून संसद के इसी सत्र मे बनाकर 1 महीने मे सबूतो-गवाहों की प्रक्रिया पूरी कर फाँसी की सज़ा देने वाला कानून बनाने की मांग की गयी।वक्ताओं ने कहा कि वहशियाना हरकतों की घटनाओं से देश रोज़ शर्मसार होता है हैदराबाद मे ह्रदय को झंकझोर देने वाली शर्मनाक घटना जिसमें एक महिला डाक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद बेहरहमी से ज़िन्दा जला दिया गया यह घटना देश के लिए कलंक है तेलंगाना सरकार सिर्फ सहानुभूति न दिखाये कड़ी कार्यवाही करे जिससे ऐसी घटनाओं पर लगाम लगे। वहशी हरकत करने वालो को फाँसी से कम सज़ा देश की आवाम को मंज़ूर नही है, हैदराबाद की घटना के 1 दिन बाद ही 26, नवम्बर कोयंबटूर मे 11वी की छात्रा के साथ 6 युवकों ने गैग रेप किया 1 दिसम्बर राजस्थान के टोंक मे 6 साल की छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दरिंदगी की हद पार की गयी आज़मगढ़ मे भी एक किशोरी के साथ तीन लोगो ने सामूहिक दुष्कर्म किया। देश की आवाम गुस्से मे है सरकार को अब फाँसी का कानून बनाने मे देर नही करनी चाहिए।
इखलाक अहमद डेविड ने कहा कि 2012 मे निर्भया गैंगरेप और हत्या के बाद पूरे देश मे उबाल आ गया था लेकिन अफसोस 9 साल होने को है उस केस के आरोपी दया याचिका लगा रहे है और हमारा कोर्ट अभी तक निर्णय नही ले सका, 2012 मे हुए निर्भया कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए केंद सरकार ने विशेष फंड की घोषणा की थी लेकिन सरकारी आकड़ों के अनुसार आवंटित धनराशि मे से 11 राज्यों ने एक रुपया भी नही खर्च किया इतनी लापरवाही हद है। हमारा देश इंसानियत, अमन शांति तहज़ीब का देश है जहां अब न भगवान का रुप, न मुल्क का मुस्तकबिल सवारने वाले महफूज़ है। सभी वक्ताओं ने एक स्वर मे वहशी हरकत करने वाले गुनाहगारों को फाँसी देने का कानून संसद के इसी सत्र मे बनाकर 1 महीने मे सबूतो-गवाहों की प्रक्रिया पूरी कर फाँसी देनू वाला कानून बनाने की मांग की।मीटिंग मे इखलाक अहमद डेविड, हाफिज़ मोहम्मद कफील, इस्लाम खान चिश्ती, असद सिद्दीकी, सैय्यद अरशद, एजाज़ रशीद, अब्दुल बारी, शफाअत हुसैन, इस्लाम खाँ आज़ाद, महबूब आलम खान, रौनक अली अंसारी, मोहम्मद रज़ा खान, अब्दुल रहमान आदि लोग मौजूद ।